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Class 8 Hindi Chapter 11 Surdas ke Pad Vyakhya

Class 8 Hindi Chapter 11 Surdas ke Pad Vyakhya सूरदास के पद पाठ की व्याख्या  काव्यांश 1 मैया, कबहिं बढ़ैगी चोटी? किती बार मोहिं दूध पियत भई, यह अजहूँ है छोटी। तू जो कहति बल की बेनी ज्यौं, ह्नै है लाँबी-मोटी। काढ़त-गुहत न्हवावत जैहै, नागिन सी भुइँ लोटी। काचौ दूध पियावत पचि-पचि, देति न माखन-रोटी। सूर चिरजीवौ दोउ भैया, हरि-हलधर की जोटी। शब्दार्थ कबहिं  – कब |  किती  – कितनी |  पियत  – पिलाना |  अजहूँ  – आज भी |  बल –  बलराम |  बेनी –  चोटी |  लाँबी-मोटी  – लंबी-मोटी |  काढ़त  – बाल बनाना |  गुहत  – गूँथना |  न्हवावत  – नहलाना |  नागिन  – नागिन |  भुइँ  – भूमि |  लोटी  – लोटने लगी |  काचौ  – कच्चा |  पियावति  – पिलाती |  पचि-पचि  – बार-बार |  माखन  – मखक्न |  चिरजीवी –  चिरंजीवी |  दोउ  – दोनों |  हरि-हलधर –  कृष्ण-बलराम |  जोटी –  जोड़ी प्रसंग  – प्रस्तुत पद हमारी हिंदी की पाठ्य पुस...

NCERT Solutions for Class 8 Hindi Chapter 10 Akbri Lota

NCERT Solutions for Class 8 Hindi Chapter 10  Akbri Lota अकबरी लोटा 1. “लाला ने लोटा ले लिया, बोले कुछ नहीं, अपनी पत्नी का अदब मानते थे।” लाला झाऊलाल को बेढंगा लोटा बिलकुल पसंद नहीं था। फिर भी उन्होंने चुपचाप लोटा ले लिया। आपके विचार से वे चुप क्यों रहे? अपने विचार लिखिए। उत्तर:-  लाला झाऊलाल को बेढंगा लोटा बिलकुल पसंद नहीं था। फिर भी उन्होंने चुपचाप लोटा ले लिया क्योंकि वे अपनी पत्नी का अदब मानते थे। दूसरा वे पत्नी के तेज-तर्रार स्वभाव से भी अवगत थे उन्होंने सोचा कि अभी तो लोटे में पानी मिला है यदि चूँ कर दू तो कहीं बाल्टी में भोजन ना करना पड़े। 2 .लाला झाऊलाल जी ने फौरन दो और दो जोड़कर स्थिति को समझ लिया।” आपके विचार से लाला झाऊलाल ने कौन-कौन सी बातें समझ ली होंगी? उत्तर:-  लाला झाऊलाल एक चतुर व्यक्ति थे। लोटा गिरने पर एक भारी भीड़ उनके आँगन में घुस आई। एक अंग्रेज को भीगे हुए तथा पैर सहलाते हुए देखकर वे समझ गए कि स्थिति गंभीर है और इस समय उनका चुप रहना ही ठीक है। 3. अंग्रेज़ के सामने बिलवासी जी ने झाऊलाल को पहचानने तक से क्यों इनकार कर दिया था? आपके विचार से बिलवासी जी...

NCERT Solutions for Class 8 Hindi Chapter 9 Jahan Pahiya Hai

NCERT Solutions for Class 8 Hindi Chapter 9 Jahan Pahiya Hai जहाँ पहिया हैं 1. “…उन जंजीरों को तोड़ने का जिनमें वे जकड़े हुए हैं, कोई-न-कोई तरीका लोग निकाल ही लेते है..” आपके विचार से लेखक ‘जंजीरों‘ द्वारा किन समस्याओं की ओर इशारा कर रहा है? उत्तर: लेखक जंजीरों द्वारा रूढ़िवादी प्रथाओं की ओर इशारा कर रहा है। 2. क्या आप लेखक की इस बात से सहमत हैं? अपने उत्तर का कारण भी बताइए। उत्तर: ‘... उन जंजीरों को तोड़ने का जिनमें वे जकड़े हुए हैं, कोई-न-कोई तरीका लोग निकाल ही लेते है..’ लेखक के इस कथन से हम सहमत हैं क्योंकि मनुष्य अपने स्वभाव के अनुसार अधिक समय तक बंधनों में बंधकर नहीं रह सकता हैं। समाज के द्वारा बनाई गई रूढिया और रूढ़िवादी प्रथाएँ अपनी सीमाओं को लाँघने लगे तो समाज में इसके विरूद्ध एक क्रांति अवश्य जन्म लेती है, जो इन रूढ़ियों के बंधनों को तोड़ डालती है। ठीक वैसे ही तमिलनाडु के पुडुकोट्टई गाँव में हुआ है। महिलाओं ने अपनी स्वाधीनता व आज़ादी के लिए साइकिल चलाना प्रारंभ किया और वह आत्मनिर्भर हो गई। 3. ‘साइकिल आंदोलन‘ से पुडुकोट्टई की महिलाओं के जीवन में कौन-कौन से बदलाव आए हैं? ...