Geography भूगोल पाठ 4- जलवायु
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ज्ञात कीजिए |
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1. राजस्थान में घरों
की दीवार मोटी तथा छत चपटी क्यों होती है? |
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2. तराई क्षेत्र तथा
गोवा एवं मैंगलोर में ढाल वाली छतें क्यों होतीं हैं? |
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3. असम में प्रायः कुछ
घर बाँस के खम्बों (Stilt) पर क्यों बने होते
हैं? |
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ज्ञात कीजिए |
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1. विश्व के अधिकतर
मरुस्थल उपोष्ण कटिबंधीय भागों में स्थित महाद्वीपों के पश्चिमी किनारे पर क्यों
स्थित है? |
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अभ्यास |
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1. नीचे दिए गए चार
विकल्पों में से सही उत्तर चुनें। (ग) मासिनराम (ग) लू (क) चक्रवातीय
अवदाब (ख) जून के प्रारंभ
में (ख) गर्म दिन व
ठंडी रातें |
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2. निम्न प्रश्नों के
उत्तर संक्षेप में दीजिए। (i) भारत की जलवायु को
प्रभावित करने वाले कौन-कौन से कारक हैं? (1) सम्पूर्ण भारतीय भूदृश्य, इसके वनस्पति और जीव, आदि मानसून से प्रभावित हैं। (2) ये मानसूनी हवाएँ कृषि गतिविधियों के लिए पानी
उपलब्ध कराकर पूरे देश को एक सूत्र में बाँधती है। (3) कृषि चक्र से संबंधित त्यौहार विभिन्न हिस्सों
में अलग-अलग नामों से जाने जाते हैं लेकिन उनके उत्सव का समय मानसून तय करता है। (4) साल दर साल, उत्तर दक्षिण और पूर्व से पश्चिम के भारत के लोग बेसब्री से मानसून के आने
का इंतजार करते हैं। (5) नदी घाटीयाँ जो मानसून वर्षा का पानी ले जातीं हैं वो भी एक ही नदी घाटी इकाई के रूप में
एकजुट हो जातीं हैं। |
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4. कारण बताएँ-
(ii)
भारत में अधिकतर वर्षा कुछ ही महीनों में होती है।
(iii) तमिलनाडु तट पर शीत ऋतू में वर्षा होती है। उत्तर निम्न दाब वाली
अवस्था बंगाल की खाड़ी पर स्थानांतरित होने के कारण तमिलनाडु तट पर शीत ऋतू में
वर्षा होती है।
(iv) पूर्वी तट के डेल्टा वाले क्षेत्र में प्रायः चक्रवात आते
हैं। उत्तर बंगाल की खाड़ी विभिन्न दाब
परिवर्तन का केंद्र है इसलिए वहाँ हमेशा चक्रवात के विकास का एक मौका है। इस
कारण, पूर्वी तट के डेल्टा वाले क्षेत्र में प्रायः
चक्रवात आते हैं।
(v) राजस्थान, गुजरात के कुछ भाग तथा पश्चिमी घाट का वृष्टि छाया सूखा
प्रभावित क्षेत्र है। उत्तर कुछ भाग अरावली की बारिश छाया क्षेत्र में आते है इसलिए, वे सूखा प्रभावित क्षेत्र हैं क्योंकि वहाँ बारिश बहुत कम होती है। |
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5. भारत की जलवायु
अवस्थाओं की क्षेत्रीय विभिन्नताओं को उदाहरण सहित समझाएँ।
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6. मानसून अभिक्रिया की
व्याख्या करें। उत्तर निम्नलिखित कारक
मानसून की अभिक्रिया के लिए जिम्मेदार हैं:
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7. शीत ऋतू की अवस्था
एवं उसकी विशेषताएँ बताएँ। उत्तर शीत ऋतू की अवस्था एवं उसकी विशेषताएँ निम्नलिखित हैं: (1) उत्तरी भारत में शीत ऋतू मध्य नवंबर से आरम्भ होकर फरवरी तक रहती है। (2) भारत के उत्तरी भाग में दिसंबर एवं जनवरी सबसे ठंडे महीने होते हैं। (3) तापमान दक्षिण से उत्तर की ओर बढ़ने पर घटता जाता है। पूर्वी तठ पर चेन्नई का औसत तापमान 24° सेल्सियस से 25° सेल्सियस के बीच होता है, जबकि उत्तरी मैदान में यह 10° सेल्सियस से 15° सेल्सियस के बीच होता है। (4) दिन गर्म तथा रातें ठंडी होती हैं। (5) उत्तर में तुषरापात सामान्य है तथा हिमालय के ऊपरी ढालों पर हिमपात होता है। (6) देश में उत्तरी-पूर्वी व्यापारिक पवनें प्रवाहित होती हैं। चूँकि, ये पवनें स्थल से समुद्र की ओर बहती हैं तथा इसलिए देश के अधिकतर भाग में शुष्क मौसम होता है। |
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8. भारत में होने वाली मानसूनी वर्षा एवं उसकी विशेषताएँ
बताएँ। (1) मानसून का समय
जून के आरंभ से लेकर मध्य सितंबर तक, 100 से 120 दिनों के बीच होता
है। (2) इसके आगमन के
समय सामान्य वर्षा में अचानक वृद्धि हो जाती है तथा लगातार कई दिनों तक यह जारी
रहती है। इसे मानसून प्रस्फोट (फूटना) कहते हैं। (3) सामान्यतः जून
के प्रथम सप्ताह में मानसून भारतीय प्रायद्वीप के दक्षिणी छोर से प्रवेश करता है
जो बाद में दो भागों में बँट जाता है - अरब सागर शाखा और बंगाल की खाड़ी शाखा। |
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